सीबीआई में विश्वसनीयता का गंभीर संकट, मोदी सरकार दोषी: कांग्रेस

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि सीबीआई में विश्वसनीयता का गंभीर संकट है जहां उसके वरिष्ठ अधिकारी एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। साथ ही पार्टी ने एजेंसी को इस स्थिति लाने में सरकार के भीतर के निहित स्वार्थों को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में सीबीआई का इस्तेमाल “राजनीतिक प्रतिशोध के हथियार” के तौर पर किया जा रहा है और प्रमुख जांच एजेंसी का पतन हो रहा है तथा वह “खुद से ही जंग लड़ रही है।’’ 

सरकार पर हमला बोलने के लिए ट्विटर पर उन्होंने एक मीडिया खबर का हवाला दिया जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले अधिकारी राकेश अस्थाना को रिश्वत मामले में आरोपी बताया गया है।  गांधी ने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री का चहेता व्यक्ति, गोधरा एसआईटी का चर्चित चेहरा, सीबीआई में दूसरे नंबर की हैसियत पाने वाला गुजरात कैडर का अधिकारी, अब रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।” उन्होंने कहा, “इन प्रधानमंत्री के शासन में सीबीआई राजनीतिक प्रतिशोध लेने का हथियार बन गई है। एक संस्थान जो पतन की ओर बढ़ रहा है और खुद से ही जंग लड़ रहा है।”



कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नये घटनाक्रम से सीबीआई की विश्वसनीयता खत्म हो गयी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की निगरानी में सब कुछ बर्बाद हो रहा है। सीबीआई, ईडी एवं डीआरआई राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए महज एक राजनीतिक हथियार बनकर रहे गये हैं।’’ शर्मा ने कहा, ‘‘ पूरी तरह राजनीतिकरण एवं संस्थागत भ्रष्टाचार हो गया है। सीबीआई गाथा में नये मोड़ से अंतत: इसकी विश्वसनीयता बर्बाद हो गयी है।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मुद्दे को ‘बेहद गंभीर’ करार देते हुए सरकार पर सीबीआई के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया। साथ ही उसकी चुप्पी पर भी प्रश्न उठाया। पायलट ने कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम भ्रष्टाचार के मामलों में सीबीआई पर कैसे भरोसा करें जब उनके लोग ही इसमें शामिल हैं तथा उन पर आरोप गहरे और तेज होते जा रहे हैं? बातें यहां तक पहुंच गईं हैं और यह तथ्य बताता है कि इस सरकार में कितने गहरे और किस हद तक बुराई व्याप्त हो सकती है।’

कांग्रेस नेता ने कहा कि सीबीआई के उच्च अधिकारी एक दूसरे पर भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं जिससे सरकार की शुचिता और विश्वसनीयत तथा सीबीआई के ईमानदार,निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करने पर प्रश्नचिह्न लगता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वहां विश्वसनीयता का गंभीर मुद्दा है और मुझे लगता है कि सरकार और सीबीआई के भीतर निहित स्वार्थ हैं जिसने इस एजेंसी को यहां तक ला दिया है।’’ कांग्रेस अस्थाना को सीबीआई का विशेष निदेशक नियुक्त किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार हमलावर रही है।

अधिकारियों ने रविवार को कहा था कि एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए एजेंसी ने एक बिचौलिए से कथित तौर पर रिश्वत लेने के लिए अपने विशेष निदेशक पर मुकदमा दर्ज किया। अस्थाना पर आरोप हैं कि मीट निर्यातक मोइन कुरैशी की संलिप्तता वाले एक मामले की जांच में एक कारोबारी को राहत देने के मकसद से यह रिश्वत ली गई। कारोबारी के खिलाफ जांच अस्थाना ही कर रहे थे। सोमवार को अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने अस्थाना के खिलाफ रिश्वत मामले में अपने पुलिस उपाधीक्षक देवेन्द्र कुमार को गिरफ्तार किया है।



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