सरकार ने उच्चतर शिक्षा में वैज्ञानिक तरीके से प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन के लिए राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी का गठन किया है

           केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्प्रकाश जावड़ेकर ने आज लोकसभा में एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में बताया कि सरकार ने उच्चतर शिक्षा में प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने के लिए एक स्वशासी परीक्षा संगठन राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) का गठन किया है। पहले प्रवेश परीक्षाएं केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) तथा तकनीकी शिक्षा के लिए अखिल भारतीय परिषद (एआईसीटीई) द्वारा आयोजित की जाती थी। इस एजेंसी के गठन का उद्देश्य प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं को आयोजित करने के लिए विशेषज्ञता संपन्न और समर्पित संस्था बनाने के साथ-साथ सीबीएसई को दायित्व से मुक्त करना है ताकि सीबीएसई अपने निर्धारित कार्यों को पूरा कर सके। सरकार ने विशेषज्ञों को शामिल करते हुए वैज्ञानिक तरीके से परीक्षा आयोजित करने का दायित्व एनटीए को दिया है। एनटीए द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं विद्यार्थियों के लाभ के लिए वर्ष में दो बार आयोजित की जाएंगी।

          हितधारकों, मंत्रालयों/विभागों/एजेंसियों के अनुरोध पर यूजीसी-नेट, जेईई (मेन), नीट-यूजी, सी-मैट तथा सी-पैट परीक्षाएं आयोजित करने का दायित्व एनटीए को दिया गया है। एनटीए ने अपनी वेबसाइट  https://ntaexams.co.in.  पर वर्ष 2019 के लिए परीक्षा कार्यक्रम अधिसूचित कर दिया है। एनटीए वर्ष में दो बार प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करेगी, ताकि विद्यार्थियों को पर्याप्त अवसर मिल सके और मूल्यांकन में मानवीय भूल की संभावना खत्म हो सके।

 जावड़ेकर ने बताया कि बोर्ड की परीक्षाओं के संबंध में सीबीएसई ने सूचित किया है कि बारहवीं कक्षा के अर्थशास्त्र विषय और दसवीं कक्षा के गणित विषय के पर्चे लीक होने की पुष्टि की जा सकी है। बारहवीं कक्षा के लिए अर्थशास्त्र विषय की दूसरी बार परीक्षा 25 अप्रैल, 2018 को ली गई, लेकिन विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि दसवीं कक्षा की परीक्षा बारहवीं कक्षा के लिए द्वार है, दसवीं कक्षा की गणित की परीक्षा फिर से आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया गया। यह मामला पुलिस को सौंपा गया और पुलिस ने पर्चा लीक होने के मामले में जांच के बाद लोगों की गिरफ्तारी की है और सीबीएसई द्वारा संबंधित स्कूल की मान्यता समाप्त कर दी गई है।

भावी कदम के रूप में सीबीएसई ने परीक्षा केन्द्रों को विविध सेटों के विकल्प के साथ प्रश्न पत्रों को कूटलिखित (एनक्रिप्टेड) रूप में भेजने का निर्णय लिया है। जुलाई, 2018 में चयनित विषयों में पूरक परीक्षाओं में इसे सफलतापूर्वक लागू किया गया

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