रोडन पर जब रोड़ा होय, तब जान लो जिला गोण्डा होय !

दुश्वारियों के सैलाब मे डूबे तरबगंज क्षेत्र के नरायनपुर विसेन के ग्रामीण

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 नवल किशोर पाण्डेय गोण्डा(IA2Z)- जिले के तरबगंज क्षेत्र मे चुनाव से पहले ही जनता मे राजनीतिक दलों के प्रति आक्रोश की चिंगारी फैलने लगी है, समस्याओं के अम्बार तले दुश्वारियों के सैलाब मे डूबे जनता की नाराजगी राजनैतिक दलों के प्रति बढ़ती जा रही है। हर तरफ से बहिष्कार की खबरें आ रही है। कोई पोस्टर लगाकर विरोध कर रहा है तो कोई सड़क पर उतरकर अपनी नाराजगी जता रहा है।
  ताजा मामला ब्लॉक तरबगंज के ग्रामपंचायत नारायनपुर से सामने आया है। बताते चले कि देश मे आगामी मार्च मे लोकसभा चुनाव होना है, लेकिन मतदाता अपने जन प्रतिनिधियों से नाराज़ दिखाई दे रहे हैं, यहाँ चारों तरफ समस्याओं का अम्बार लगा हुआ है, न तो आवा जाई के लिए सड़क है, और न ही यहाँ अन्य सुविधाएं ही मुहैया है, यहाँ यह कहावत बिल्कुल सही बैठ रहा है कि “रोडन पर जब रोड़ा होय, तब जान लो जिला  गोण्डा होय” बताते चलें कि देश आजादी के सात दशक बाद भी गोंण्डा जिले की विकास खण्ड तरबगंज का पंचायत नरायनपुर पूरे विसेन सिंह गांव के ग्रामीणों को आवागमन के लिए आज भी एक अदद पक्के रोड की दरकार है। यहां के ग्रामीणों की अच्छे दिन आने वाले हैं की आस देखते-देखते आँखे पथरा गई पर सरकारी मशीनरी के कार्य गुजारी के चलते उन्हें अच्छे दिन देखने को नसीब नही हुए।


     केन्द्र व प्रदेश सरकार जहां गढ्ढा मुक्त सड़क निर्मित किए जाने की जहां ढिढोंरा पीट रही है वहीं इलाकाई जनप्रतिनिधियों के बेरुखी रवैय्ये से वर्षों पूर्व नारायनपुर विसेन गांव को जाने वाली सड़क पर कार्यदायी संस्था द्वारा रोड पर रोड़ा डालकर छोड़े गए पत्थर के बाद उसपर आजतक डामरी करण नही कराया गया। जिसको लेकर आक्रोशित गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने रोड नही तो वोट नही का नारा लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से शीघ्र रोड का डामरीकरण कराए जाने की मांग की है। बताते चलें कि सड़क पर रोड़ा होने की वजह से बाइक व साइकिल सवार अक्सर इस रोड पर गिरकर चोटिल होते हैं। ग्रामीणों का आरोप है की चुनाव से पहले यहां राजनैतिक दल आते है और हर बार बड़े बड़े वादे करके चले जाते है। आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी आज तक कोई राजनैतिक दल यहां पक्की सड़क नही बनवा पाए। शासन प्रशासन से लेकर तमाम जनप्रतिनिधियों तक अपनी पीड़ा व्यक्त कर चुके, लेकिन अनदेखी होती रही है बता दें कि इस रोड से आधा दर्जन मजरे जिसमें नरायनपुर, विसेन सिंह, मिठ्ठू पुरवा, बहाऊ पुरवा, कुड़वा, टेपरा व खीसापुरा के तकरीबन तीन हजार ग्रामीणों का आना जाना होता है ।



विधायक ने किया जनता के दर्द को साँझा

जनता की समस्याओं को देख विधायक प्रेम नारायण पाण्डेय काफी गंभीर दिखाई दे रहे हैं, उन्होंने जनता के दर्द को सांझा करते हुए उन्हें शीघ्र ही समस्यायों से निजात दिलवाने का वादा किया है, विधायक के आश्वासन से जनता में  भले ही ख़ुशी की लहर दौड़ी हुई है, मगर ये भी सच है कि राजनैतिक दलों से ये काफी रुष्ट भी नजर आ रहे हैं।

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