राप्ती मे मिलने वाली मनकापुर की इस नदी मे अब भी बह रहा है मौत का पानी

 

 जानवरों की मौत के साथ इंसानो को भी है जान का खतरा


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एन.के मौर्य / राकेश मिश्रा

IA2Z गोण्डा- प्रधान मंत्री द्वारा चलाये गए स्वच्छता अभियान के तहत जहाँ तमाम नदियों के दूषित पानी को साफ कराया गया, और तो और लोगों ने मिलकर स्वच्छता अभियान के तहत लोगों को इसके लिए जागरूक किया वहीँ मनकापुर उतरौला मार्ग पर स्थित दतौली शुगर मिल का मौत रुपी दूषित पानी पास के बिसुही नदी मे जाने से उसे पीने वाले पशु पक्षी जहाँ मौत का शिकार हो रहे हैं वहीँ भारी प्रदूषण के कारण इंसानो को भी मौत के मुँह में धकेल रहा है, लोगों द्वारा जिम्मेदारों को कई बार अवगत कराने के बावजूद यहाँ किसी के कदम नही पड़े, शायद इन्हें भारी अनहोनी घटना का इन्तजार है।



देश को साफ़ सुथरा बनाने के लिए एक तरफ जहाँ   शासन प्रशासन द्वारा स्वच्छता का मुहीम चलाकर लोगों को सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है, वहीँ मनकापुर उतरौला मार्ग पर स्थित दतौली शुगर मिल का मौत रुपी दूषित पानी विगत कई वर्षों से बिसुही नदी मे गिराया जा रहा है जिससे नदी का पानी जहरीला होता जा रहा है, जिसे पीकर आये दिन पशु पक्षी मौत का शिकार हो रहे हैं, और तो और यह पानी इंसानो के लिए भी जहर बनता जा रहा है, अवगत हो कि क्षेत्र के जानवरों के साथ साथ यहाँ के लोग भी इस नदी का पानी  पीते चले आ रहे हैं, इसी पानी से कपड़े व बर्तन धोते थे, मगर जहरीला पानी होने के कारण इनकी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, लोगों का कहना है कि इस नदी का पानी पीने से जहाँ अधिकाँश जानवर व पक्षी शीघ्र दम तोड़ देते हैं वहीँ कुछ भयंकर बीमारी का शिकार होकर मौत के करीब पहुँच जाते हैं।



 यहाँ की कहानी ग्रामीणों के जुबानी

मौत के पानी को लेकर क्षेत्र के घाट कटघरवा उपध्या पुरवा निवासी साहबदीन वर्मा का कहना है कि जब से दतौली फैक्टरी बनी है तभी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है, इस शुगर मिल का सारा दूषित पानी बिसुही नदी के स्वच्छ जल मे उतार दिया गया है, जिसे पीकर जानवर व पशु पक्षी मौत के मुँह मे समा रहे हैं, यहाँ तक कि घरों के नल का पानी भी जहरीला होता जा रहा है, जो मौत को दावत दे रहा है, लाल बिहारी पुरवा निवासी ग्रामीण राम दुलारे व नसीबदार एवं राम अनुज वर्मा ने बताया कि शुगर फैक्ट्री बनने के साथ ही हम लोगों की समस्याएं बढ़ गयी, बाढ़ आने पर खेतों मे पहुंचकर यह पानी फसलों को बर्बाद कर देती हैं, जानवरों को भी मौत से बचाना पड़ रहा है, अवगत हो कि दूषित पानी को रोककर इसे स्वच्छ बनाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार जन सुनवाई पोर्टल के साथ साथ तत्कालीन डीएम व एसडीएम को अवगत कराया मगर जिम्मेदार मौन रहे, जबकि यहाँ समस्यायों के अम्बार तले रहकर लोगों का जीवन बद से बद्त्तर बनता जा रहा है।

तीन नदियों के संगम मे समाती है बिसुही नदी

लोगों का कहना है कि इस नदी का क्षेत्रफल काफी  दूर तक फैला हुआ है, यह नदी गोरखपुर के आगे चलकर कुआनो नदी व राप्ती को संगम कराती है, बावजूद इसके मौत के पानी के आगोश में समायी इस नदी पर जिम्मेदारों की नजरें नही पड़ती है।

क्या कहते हैं ग्राम प्रधान

ग्राम प्रधान अनिल वर्मा का कहना है कि शुगर मिल के इस विषैले पानी से यहाँ तमाम बीमारियां फैली हुई हैं, हमने कई बार तत्कालीन एसडीएम व अन्य जिमनेदारों को इस सन्दर्भ मे अवगत कराया मगर किसे ने भी समस्याओं के निस्तारण पर जोर नही दिया, और समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई हैं।
 

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