आवारा पशुओं द्वारा फसल नष्ट होने से किसानों के समक्ष मडराने लगा जीविका का संकट !


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नवल पाण्डेय 

IA2Z गोण्डा- रबी के वर्तमान फसली मौसम में प्रकृति के भरपूर साथ देने के बावजूद किसानों के भाग्य में ग्रहण लग गया है, लहलहाती गेहूं अरहर, मटर व मसूर की फसलों को घूमने वाले आवारा सांड व नीलगाय चर कर नष्ट कर रहे हैं, जिससे किसानो को तमाम दुश्वारियों से गुजरना पड़ रहा है।

प्रत्येक गांव व मजरें में बीस से पच्चीस की संख्या में समूह में घूम रहे छुट्टा सांड देखते ही देखते बीघे भर की फसल चर कर नष्ट कर देते हैं। खेत में लगाई गई लकड़ी के खंभे तक तोड़ डालते हैं। सम्पन्न किसानों ने लोहे की पिलर जाम कराकर ब्लेड लगे तार से अपना खेत तो सुरक्षित कर लिया है लेकिन गरीब किसानों को रात भर जाडे की मार और ओस में भीगते हुए रखवाली करनी पड़ती है। फसल को बचाने के लिए लोग अपने खेत से छुट्टा जानवर दूसरे  गांव की ओर  हांक देते हैं जिससे कई बार मारपीट की नौबत आ जाती है। 


      जानवरों के उत्पात से बहुत से किसानों ने फसल बोना ही छोड़ दिया है और जिन किसानों ने हिम्मत कर गेहूं की बुआई किया था उनकी  फसल नष्ट हो जाने के बाद  पूंजी डूब गई है। क्षेत्र के गया प्रसाद ,बैजनाथ, देवीदीन,बंसीलाल ,विष्णु ,चौधरी आदि किसानो ने बताया कि उन्होंने प्रति बीघा ढाई हजार रुपए लगाकर गेहूं की बुआई की थी ।लेकिन सांडो ने सब नष्ट कर दिया। आने वाले दिनों में किसानों को परिवार को खिलाने के लिए अनाज व जानवरों के लिए चारे की किल्लत से जूझना पड़ सकता है।

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