दबंगो के पैरों पर गिरकर गिड़गिड़ाते रहे गरीब.. इसके बावजूद जो हुआ जानकार काँप उठेगी रूह !

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एन.के मौर्य / नवल पाण्डेय

गोण्डा (IA2Z) – जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र के ग्रामसभा सेझिहा में सरकार के दिये हुए आशियानों पर अचानक दबंगों का कहर टूट पड़ा, बेखौफ लोगों ने कानून को ताक पर रखकर उनके आशियानों पर जेसीबी चलाना चाहा, लोग उनके कदमो में गिरकर अपनी गरीबी का रोना रोते रहे मगर बेदर्द लोगों ने उनकी एक न सुनी और देखते ही देखते उनके आशियाने को जमीदोज करके उनकी हंसती खेलती दुनिया को तबाह कर दिया, आँखों में अश्कों का सैलाब लेकर घर से बेघर हुए लोगों ने थाने मे तहरीर देकर न्याय की मांग की है।



    सरकार द्वारा अनुदानित गरीबों की जमीन के बारे पूर्ण जानकारी के लिए हमे सन 1985 की ओर रूबरू होना पड़ेगा, बात उस समय की है जब कांग्रेस की सरकार थी, उस दौरान जन संख्या नियंत्रण को लेकर सरकार ने नसबंदी का दौर शुरू किया था, नसबंदी कराने वाले पुरुषों को भूमि या फिर आवास का तोहफा भी मिला था, इसी क्रम मे  तरबगंज के सेझिया के निवासी बनवारी, फूलचंद व कुबेरनाथ के हिस्से में भी यह सौगात के रूप में आया था, जिसमे उक्त लोग मकान बनाकर गुजर बसर करने लगे, और इनकी जिंदगी मे खुशियों की किलकारियाँ गूंजने लगी, मगर दिनांक 9 फरवरी 2019 दिन शनिवार को कुछ दबंगों को इनकी खुशियां रास न आयी और वहां जेसीबी लेकर मकान ढहाने के लिए पहुँच गए, जिसे देख गरीबों के पैरों तले से जमीन खिसक गयी,और उनकी साँसे लड़खड़ाने लगी, मगर इन इंसान रुपी दरिंदों का दिल न पिघला, लोग इनके पैरों पर गिरकर गिड़गिड़ाते रहे बावजूद इसके इन्हें रहम न आया, और गृहस्थी का सामान रोड पर फैंक कर उनके घरों पर जेसीबी चलवा दिया, देखते ही देखते लोग बेघर हो गए।

दबंगो के सामने बेबस दिखी पुलिस

उक्त प्रकरण को लेकर किसी ने घटना की जानकारी डायल 100 को दी, तत्पश्चात पुलिस मौके पर पहुंची, मगर इतना कुछ होने के बावजूद पुलिस के जुबां पर ताला लगा रहा, और हरकत मे आने की बजाये ये खुद ही मूकदर्शक बने रहे। 

 

खुले आसमान के नीचे रहने को हुए विवश

आवास ढह जाने के बाद अब गरीब परिवार बेघर हो गए हैं उनके पास रहने के लिए कोई और घर नहीं है, इसलिए वो लोग अब ठण्ड के मौसम मे भी पेड़ों के नीचे दिन काटने को मजबूर हैं, जबकि मित्र पुलिस जांच कराने की बात कहकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

आखिर कौन सांझा करेगा गरीबों का दर्द

घटना की जानकारी आग की तरह फैली है, बावजूद इसके इन गरीबों का हाल लेने न तो कोई अधिकारी ही पहुंचा और न ही कानून के नुमाइंदे ही वहाँ पहुंचे हैं, परिणामस्वरूप बेघर हुए लोग अपने बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं, जिसको पोंछने वाला शायद कोई नही है।


 पीड़ित महिलाओं ने किया थाने का रुख

गरीबों की महिलाओं ने दबंगों की धमकी का मुंहतोड़ जवाब देते हुए थाने का रुख अख्तियार किया है, और वहां जाकर प्रकरण की तहरीर दी है, एसओ संजय कुमार दूबे ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी, अब देखना तो यह है कि सबका साथ व सबका विकास करने वाली सरकार मे इन्हें आखिर कब न्याय मिलेगा,और कब इनके मासूम बच्चे घरों में किलकारियाँ मारेंगे।

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