तरबगंज मे अपराधों का ग्राफ बढ़ने के बावजूद थाने की कुर्सी पर विराजमान है बेखौफ थानेदार 

 खाकी की निष्क्रियता के चलते दबंगो ने 6 वर्ष की मासूम बालिका को भी पीटकर उतारा मौत के घाट

एन.के मौर्य / नवल पाण्डेय

गोण्डा IA2Z – यहाँ की हकीकत सुनाने लगेंगे तो पत्थर भी आंसू बहाने लगेंगे। पंक्तियां तरबगंज थाने पर बिल्कुल स्टीक बैठती है, जहाँ पीड़ितों का दर्द सैलाब बनकर फैला हुआ है, आये दिन यहाँ गंभीर वारदातें होती हैं, बावजूद इसके यहाँ का थानेदार थाने की कुर्सी पर अब भी विराजमान है, हद तब हो गयी जब जमीनी विवाद मे थानेदार की निष्क्रियता के चलते कुछ दबंगों ने पति पत्नी के साथ 6 वर्षीय बालिका को भी निर्दयी पूर्वक पीटा, जिससे उसकी मौत हो गयी,जबकि पति पत्नी का जिला अस्पताल मे इलाज के लिए भेजा गया।

चर्चा के मुताबक तरबगंज थाना क्षेत्र के बौरिहा गांव निवासी प्रवीण सिंह के घर के सामने कुछ दंबगो द्वारा पिछले एक सप्ताह से जमीन पर कब्जा किया जा रहा था, जिसकी शिकायत जब पीड़ित ने स्थानीय पुलिस से की तो पुलिस द्वारा न्याय दिलाने की बजाय उल्टा उसे ही परेशान किया जाने लगा, जिसकी शिकायत पीड़ित जब  जिला मुख्यालय के अधिकारियों से करके अपने बाइक द्वारा पत्नी व 6 वर्षीय पुत्री अशिता के साथ घर की तरफ वापस आ रहा था तो रास्ते मे देहात कोतवाली क्षेत्र के बिजली भवानी चौराहे के पास पहुँचते ही पहले से मौजूद दबंगों ने उसे रोक लिया, इससे पहले वो कुछ समझ पाता कि

 दंबगो ने बर्बरता के साथ सभी को पीटना शुरू कर दिया। यहाँ तक कि मानवता के दुश्मनो ने 6 वर्षीय मासूम बेटी अशिता को भी नही छोड़ा, उसकी भी दबंगो ने पिटाई कर दी, जिससे मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गयी। अवगत हो कि इस घटना से पूरी कायनात काँप उठी होगी मगर क्रूर अपराधियों को बच्चे पर तनिक भी रहम नहीं आया।

 सड़क पर उतरे परिजन, मौके पर पहुंची पुलिस बल

चर्चा के मुताबिक़ उक्त प्रकरण से आहत पीड़ित परिजनो ने पुलिस पर दबंगों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। मारपीट में घायल युवक व अन्य को जिला अस्पताल लाया गया, जहाँ से इलाज करने बाद इन्हें घर भेजा गया।

आखिर क्यों बरसों से यहाँ जमा है थानेदार, कौन है इन पर मेहरबान

बताते चलें कि कानून व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रखने के लिए जहाँ सीएम के निर्देशों पर आये दिन अधिकारियों के तबादले होते रहते हैं, वहीँ बहराइच से आने के बाद बरसों बीतने पर भी इस थानेदार का अंगद रुपी पैर यहाँ जमा हुआ है, अब सवाल तो यह उठता है कि अपराधों का ग्राफ बढ़ने के बावजूद इस पर आखिर किसकी मेहरबानी चल रही है जिससे आला हाकिमो के हाथ बंधे हुए हैं।

अगर पुलिस निष्क्रिय न होती तो 6 वर्षीय बच्ची मौत के मुँह मे न समाती

 पीएम से लेकर सीएम तक जहाँ एक तरफ अच्छे दिन आने की हुंकार भरते हैं, वहीँ कुछ भ्रष्ट थानेदारों के चलते पीड़ितों को बुरे दिन ही देखने पड़ते हैं, जिसका प्रमाण तरबगंज का ये भेज
बेखौफ थानेदार है, जहाँ न्याय की जगह पीड़ितों को अश्कों के सैलाब मे धकेला जाता है, अगर पैसा मौके पर सतर्क होती तो आज मासूम बच्ची की इस कदर मौत न होती, अब देखना तो यह है कि और कब तक ये थानेदार थाने की कुर्सी पर करवट बदलता 

प्रकरण के सन्दर्भ मे सीओ सदर महावीर सिंह का कहना है कि चोटिल लोगों का इलाज करवा कर अस्पताल से घर भेजा जा चुका है, प्रकरण की जांच चल रही है।

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