एसबीआई ने नेपाल में शुरू किया कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक का परीक्षण : भटनागर

चालू वित्त वर्ष के अंत तक इस पड़ोसी देश मे संचालित हो सकती हैं 120 शाखाएं
 
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नवल पाण्डेय (IA2Z ब्यूरो गोण्डा )

गोण्डा-– भारतीय स्टेट बैंक (नेपाल प्रभार) के प्रबंध निदेशक अनुकूल भटनागर ने कहा है कि भारत के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल में भी हम अपने ग्राहकों को बेहतर एवं उत्कृष्ट कोटि की सेवाएं देने के लिए कृत संकल्पित हैं। इसके लिए बैंक अपनी शाखाओं का निरन्तर विस्तार कर रहा है। चालू वित्त वर्ष के अंत तक पड़ोसी देश में बैंक की 120 शाखाएं काम करना शुरू कर देंगी। एक दिवसीय दौरे पर रविवार को गोण्डा आए भटनागर पत्रकारों से रूबरू हुए।


इस दौरान प्रबंध निदेशक ने कहा कि नेपाल भारतीय स्टेट बैंक ने गत वर्ष अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मनाई है। हम अपने सेवाओं में लगातार सुधार कर रहे हैं। वर्तमान में करीब 100 शाखाएं देश भर में संचालित हैं। 31 मार्च तक इनकी संख्या बढ़कर 120 हो जाने की उम्मीद है। भटनागर ने कहा कि भारतीय सेना और अर्द्ध सैनिक बलों में कार्यरत 40 हजार जवानों तथा भारत में सेवा कर चुके एक लाख 10 हजार पेंशनर्स को बैंक संतुष्टि परक सेवाएं प्रदान कर रहा है। इसके साथ ही तीन करोड़ आबादी वाले देश के 10 लाख ग्राहकों का आच्छादन बैंक की बड़ी उपलब्धि है। दूरस्थ क्षेत्रों में ग्राहकों को सुविधा पहुँचाने के उद्देश्य से ड्रोन की सेवाएं ली जा रही हैं। सुरक्षा एवं संरक्षा उपायों को सुदृढ करने के लिए रोबोट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी तकनीक का इस्तेमाल करने का परीक्षण भी शुरू किया जा चुका है।


उन्होंने बताया कि भारत में 24 हजार शाखाओं, 38 करोड़ बैंक खातों और दो लाख 77 हजार अधिकारियों, कर्मचारियों के बदौलत देश के सबसे बड़े बैंक का दर्जा प्राप्त कर भारतीय स्टेट बैंक सामाजिक क्षेत्रों में भी अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं है। नेपाल के प्रधानमंत्री द्वारा गोद लिए गए विद्यालय को बैंक द्वारा ही वित्तपोषित किया जाता है। पशुपति नाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 2.8 करोड़ नेपाली मुद्रा जारी की गई है। इसके अलावा पोखरा में भी कुछ निर्माण कार्य की जिम्मेदारी बैंक ने उठाई है। बैंक द्वारा विभिन्न अवसरों पर वर्ष भर में 10-12 लाख रुपए के गुलदस्ते खरीदे जाते थे। बैंक अब इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा चुका है। इससे बचने वाली धनराशि से पौधरोपण कराया जाता है। बैंक में प्लास्टिक पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध है। इस मौके पर क्षेत्रीय व्यवसाय शाखा के प्रबंधक आरडी सिंह, प्रबन्धक (मुख्यालय) डीसी वर्मा, कृषि विकास शाखा के प्रबंधक विजय आचार्य भी मौजूद रहे।

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